Quick Read / Key Highlights
- अभिनेत्री सीरत कपूर ने लोनावला की पहाड़ियों के बीच बने अपने पांच बेडरूम वाले रिट्रीट 'जेड' के बारे में खुलकर बात की।
- उनकी मां नीना सिहोता कपूर और मौसी रीना सिहोता तनेजा, जो पहले एयर इंडिया में एयर होस्टेस रही हैं, ने इस घर को आकार देने में अहम भूमिका निभाई।
- वर्षों की यात्राओं में जुटाई गई कलाकृतियां, एंटीक पीसेज और पुराना पारिवारिक फर्नीचर विला के इंटीरियर का हिस्सा हैं।
- unTAG Architecture and Interiors ने विला का आर्किटेक्चरल फ्रेमवर्क तैयार किया, जिसमें एक्सपोज्ड ब्रिक, आर्च्ड वुडन डोरवे और सेंट्रल कोर्टयार्ड शामिल हैं।
- सीरत के मुताबिक 'जेड' सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि उनके परिवार की साझा कहानी है।
अभिनेत्री सीरत कपूर के लिए लोनावला में बना उनका रिट्रीट 'जेड' महज एक आलीशान विला नहीं है। पहाड़ियों और हरियाली के बीच बना यह पांच बेडरूम वाला घर उनके उस पुराने सपने से निकला है, जिसमें वे रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर प्रकृति के करीब रहना चाहती थीं। हाल की बातचीत में उन्होंने इस घर के पीछे की सोच और उससे जुड़ी पारिवारिक यादों पर खुलकर बात की।
सीरत कहती हैं, "प्रकृति से जुड़ना हमेशा मेरा सपना था।" उनके अनुसार 'जेड' का हर कोना प्यार से डिजाइन किया गया है और इसे आकार देने में पूरा परिवार शामिल रहा। उनके शब्दों में यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि उनके परिवार की साझा कहानी है।
इस सपने को साकार करने में दो लोगों की भूमिका खास रही। एक उनकी मां नीना सिहोता कपूर और दूसरी उनकी मौसी रीना सिहोता तनेजा। दोनों पहले एयर इंडिया में एयर होस्टेस रह चुकी हैं और काम के सिलसिले में दुनिया के कई हिस्सों की यात्रा कर चुकी हैं। इन यात्राओं में उन्होंने अलग-अलग संस्कृतियों, वास्तुकला और कलात्मक परंपराओं को करीब से देखा और वर्षों तक कलाकृतियां, एंटीक पीसेज और खास चीजें संजोती रहीं। इनमें से कई चीजें आज 'जेड' की शोभा बढ़ा रही हैं। परिवार का पुराना फर्नीचर, आर्टवर्क और संभालकर रखे गए कलेक्टिबल्स इस विला के इंटीरियर को ऐसी पहचान देते हैं, जिसमें परिवार की यात्राएं और यादें भी शामिल हैं।
सीरत ने अपनी पसंद, रंगों की समझ, टेक्सचर और कला के प्रति लगाव को भी इस जगह में उतारा। विला का आर्किटेक्चरल ढांचा unTAG Architecture and Interiors ने विकसित किया। इस तरह घर में परिवार की निजी पसंद और सीरत की क्रिएटिव सोच का संतुलित मेल दिखता है।
डिजाइन इमारत को उसके आसपास की प्रकृति से भी जोड़ता है। एक्सपोज्ड ब्रिक, आर्च्ड वुडन डोरवे, चेकर्ड फ्लोरिंग, बड़ी खिड़कियां और खुले आंगन मिलकर ऐसा लुक बनाते हैं, जिसमें ट्रॉपिकल मॉडर्निज्म के साथ पुराने भारतीय घरों की गर्माहट भी महसूस होती है। सेंट्रल कोर्टयार्ड और क्रॉस-वेंटिलेटेड स्पेस घर में प्राकृतिक रोशनी और हवा को सहजता से आने देते हैं।
यहां हरियाली को सिर्फ सजावट नहीं माना गया है। बालकनी, खुले आंगन, बड़ी टैरेस और पूल एरिया मिलकर कई ऐसे कोने बनाते हैं, जहां परिवार प्रकृति के बीच सुकून से समय बिता सकता है। हर कमरे का अपना अलग मूड है, लेकिन अर्थी टोन, नेचुरल मटीरियल और सोच-समझकर चुने गए डिटेल्स पूरे घर को आपस में जोड़े रखते हैं।
'जेड' इस बात का भी उदाहरण है कि सेलिब्रिटी घरों को पेश करने का तरीका बदल रहा है। नई सजावट और ट्रेंड पर टिके घरों के बजाय सीरत का विला विरासत में मिली चीजों और निजी इतिहास पर टिका है। दशकों में जुटाया गया फर्नीचर, कला और यादगार वस्तुएं इस घर को नई बनी प्रॉपर्टी के बजाय ऐसे घर का एहसास देती हैं, जिसके साथ वर्षों की कहानी जुड़ी हो।
सीरत के लिए इसकी असली खूबसूरती इंटीरियर से आगे है। 'जेड' वह जगह है, जहां वे और उनका परिवार शहर की तेज रफ्तार से कुछ समय दूर जाकर साथ वक्त बिता सकते हैं और उन चीजों से दोबारा जुड़ सकते हैं, जो उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं। इसमें उनकी रचनात्मकता के साथ-साथ परिवार की यात्राओं, पसंद और पीढ़ियों से चली आ रही सौंदर्य दृष्टि की झलक भी दिखती है।
लोनावला की पहाड़ियों के बीच बना 'जेड' इसलिए एक लग्जरी विला से कहीं बढ़कर है। यह प्रकृति, कला, यात्रा और परिवार की साझा यादों से बना एक निजी संसार है।