2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में पहुंची अजय देवगन की 'दृश्यम 3' को लेकर पब्लिक रिव्यू में शानदार प्रतिक्रिया सामने आई है। 2015 में शुरू हुई और 2022 में 'दृश्यम 2' से आगे बढ़ी इस फ्रेंचाइज़ी से उम्मीदें बहुत ऊंची थीं। दर्शकों की राय में फिल्म इन उम्मीदों पर काफी हद तक खरी उतरती है, खासकर इंटरवल के बाद।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अजय देवगन का अभिनय है। विजय सालगांवकर के रूप में वह इस बार भी ऊंची आवाज या भारी संवादों का सहारा नहीं लेते। परिवार की चिंता, डर, दर्द और उसे हर हाल में बचाने की जिद उनके चेहरे और आंखों से ही पढ़ी जा सकती है।
जिन दृश्यों में विजय बिना कुछ कहे अपनी अगली चाल का इशारा देता है, वे दर्शकों को कहानी से बांधे रखते हैं। अजय ने बाकी कलाकारों को भी पूरी जगह दी है, इसलिए फिल्म किसी एक चेहरे पर टिकी नहीं लगती।
पहला हाफ तैयारी, दूसरा हाफ धमाका
पहला हाफ कहानी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाता है। यहां किरदारों और परिस्थितियों का बिल्ड-अप है, जो कुछ दर्शकों को थोड़ा धीमा लग सकता है। इसी हिस्से में जयदीप अहलावत का किरदार काफी आक्रामक दिखता है और कई जगह लगता है कि विजय दबाव में है।
इंटरवल के बाद खेल बदल जाता है। कहानी रफ्तार पकड़ती है और एक के बाद एक ट्विस्ट सामने आते हैं। बिना स्पॉइलर के इतना कहा जा सकता है कि आगे क्या होगा, इसका अनुमान लगाना आसान नहीं रहता।
जयदीप, तब्बू और श्रिया सरन भी दमदार
जयदीप अहलावत फिल्म में अलग छाप छोड़ते हैं। उनका किरदार जितना आक्रामक है, उतना ही तनाव बढ़ाता है, और अजय के साथ उनकी टक्कर कई दृश्यों को दिलचस्प बनाती है। तब्बू और श्रिया सरन ने भी अपने किरदार मजबूती से निभाए हैं। हल्की-फुल्की कॉमेडी भी है, जो थ्रिलर का प्रवाह नहीं तोड़ती।
निर्देशन, लेखन और संगीत
फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है और लेखन का श्रेय अभिषेक पाठक व आमिल कीयान खान को दिया गया है। पब्लिक रिव्यू के मुताबिक सस्पेंस बनाए रखने की कोशिश साफ दिखती है, जबकि बैकग्राउंड म्यूजिक अहम दृश्यों का असर बढ़ाता है।
क्लाइमैक्स और मलयालम वर्जन से तुलना
सबसे ज्यादा चर्चा दूसरे हाफ और क्लाइमैक्स की है, जहां तनाव लगातार बढ़ता है। पब्लिक रिव्यू में क्लाइमैक्स के दौरान दर्शकों की उत्साह भरी प्रतिक्रिया का जिक्र है। फिल्म का आकर्षण सिर्फ ट्विस्ट नहीं, बल्कि यह देखना है कि विजय हालात के बीच अपनी चाल कैसे चलता है।
मलयालम वर्जन से तुलना में दर्शकों ने इसे अलग अनुभव बताया है। यह इसलिए भी अहम है कि हिंदी फिल्म ने इस बार मलयालम कहानी से अलग रास्ता चुना है।
फैसला
धीमे पहले हाफ के बावजूद, सधा हुआ अभिनय, कसा हुआ दूसरा हाफ और असरदार क्लाइमैक्स 'दृश्यम 3' को देखने लायक थ्रिलर बनाते हैं। हालांकि फिल्म की वास्तविक सफलता का आकलन आधिकारिक बॉक्स ऑफिस आंकड़े आने के बाद ही हो सकेगा।
Bolly Orbit Rating: ⭐ 4.5/5