राही ने अनुपामा की परफेक्ट नकल उतारी, फैंस बोले- अद्रिजा ने कमाल कर दिया!
अनुपमा सीरियल में राही ने मां अनुपमा जोशी की शानदार नकल उतारी। अद्रिजा रॉय की परफॉर्मेंस ने फैंस का दिल जीत लिया, सोशल मीडिया पर जमकर वाहवाही हो रही है।
स्टार प्लस के सबसे लोकप्रिय धारावाहिक अनुपमा में एक बार फिर दर्शकों का दिल जीतने वाला एक मजेदार और भावुक पल सामने आया है। राजन शाही और दीपा शाही के प्रोडक्शन में अद्रिजा रॉय द्वारा निभाई जा रही राही की भूमिका ने एक ऐसे सीक्वेंस में सबका ध्यान खींच लिया, जिसमें उन्होंने अपनी मां अनुपमा जोशी (रूपाली गांगुली) की शानदार नकल उतारी।
यह दृश्य तब शुरू हुआ जब प्रेम ने मजाक में अनुपमा को "सबकी फेवरेट" और "पांच पेज का लेक्चर देने वाली" कहा। इसके बाद राही स्टेज पर आईं और सबसे पहले माफी मांगते हुए बोलीं कि वो जल्दी से सबको प्रणाम नहीं कर पाईं। फिर उन्होंने तीन अलग-अलग अंदाज में अभिवादन किया - "जय श्री कृष्ण", "गुड इवनिंग" और "नमस्ते"।
वसुंधरा ने हैरानी जताते हुए पूछा कि इतने सारे अभिवादन क्यों? तभी राही गंभीर हो गईं और बीच में ही वसुंधरा की बात रोककर अनुपमा के शुद्ध हिंदी अंदाज में बोलीं - "महिला तीन तरीके से अभिवादन क्यों नहीं कर सकती?" और फिर शुरू हो गया वह मशहूर डायलॉग:
"मैं तीन बार बोलूं, चार बार बोलूं, यहां बोलूं, वहां बोलूं, सोते हुए बोलूं, खड़े होकर बोलूं, इसको बोलूं, उसको बोलूं, बोलूं या न बोलूं, इधर बोलूं, उधर बोलूं, जिधर भी बोलूं, आपको क्या?"
यह डायलॉग इतने सटीक और भावपूर्ण तरीके से बोला गया कि पूरा परिवार हंसने लगा, खुद अनुपमा भी नहीं रोक पाईं। राही ने अनुपमा की तरह अपनी चोटी पकड़कर भी देखा, जो उनके किरदार की आत्मनिर्भरता, दृढ़ता और साहस का प्रतीक है।
अद्रिजा ने इस सीक्वेंस के लिए अनुपमा जैसा ही लुक चुना - सादा कॉटन साड़ी, तीन-चौथाई आस्तीन की ब्लाउज और कंधे पर बैग। छोटी-छोटी बातें जैसे चोटी पकड़ना, हाथ का इशारा और भाव-भंगिमाएं इतनी बारीकी से निभाई गईं कि यह नकल बिल्कुल स्वाभाविक लगी, नाटकीय नहीं।
सोशल मीडिया पर फैंस इस परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि अद्रिजा ने अनुपमा के मैनरिज्म को इतनी खूबसूरती से कैद किया कि लगा जैसे असली अनुपमा स्टेज पर हों। एक यूजर ने कमेंट किया, "अद्रिजा ने सिर्फ नकल नहीं की, अनुपमा के दिल को छू लिया।" दूसरों ने इस बात पर जोर दिया कि इस सीक्वेंस ने अनुपमा के किरदार का सम्मान बनाए रखा और यह दिखाया कि उनकी छवि कितनी प्रेरणादायक है।
यह दृश्य न सिर्फ हल्का-फुल्का मनोरंजन देता है, बल्कि मां-बेटी के रिश्ते की गहराई और पारिवारिक बंधन को भी उजागर करता है। अनुपमा के किरदार ने सालों से दर्शकों को प्रेरित किया है और अब राही के जरिए यह संदेश फिर से मजबूती से सामने आया है कि एक महिला कितनी भी परिस्थितियों में खुद को संभाल सकती है।
अद्रिजा रॉय के लिए यह सीक्वेंस उनके अभिनय सफर में एक और मजबूत कदम साबित हुआ है। राही का किरदार निभाते हुए उन्होंने बार-बार अपनी एक्टिंग की गहराई दिखाई है और इस नकल वाले सीन ने उनकी प्रतिभा को एक बार फिर रेखांकित किया।
अनुपमा के दर्शक इस तरह के हल्के-फुल्के लेकिन अर्थपूर्ण पलों के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं। यह दृश्य न सिर्फ मनोरंजन करता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि अच्छी स्क्रिप्टिंग, संवेदनशील निर्देशन और ईमानदार परफॉर्मेंस ही किसी शो को लंबे समय तक दिलों में बनाए रखते हैं।