कीर्तिमंदिरकीसबसेविशेषबातयहहैकियहाँश्रीराधारानीलगभगपाँचवर्षकेबालस्वरूपमेंअपनीमाताकीर्तिमैयाकीगोदमेंविराजमानहैं, जोपूरेविश्वमेंऔरकहींदेखनेकोनहींमिलता।यहदर्शनइतनामनोहारीऔरवात्सल्यसेभराहोताहैकिलगताहैजैसेभक्तस्वयंराधारानीकेबालस्वरूपसेसाक्षात्मिलरहेहों।
शिल्पकलाऔरवास्तुकलाकीभव्यता
कीर्तिमंदिरभारतीयशिल्पकलाकाअद्वितीयउदाहरणहै।गुलाबीबलुआपत्थरकीमहीननक्काशी, सफेदमार्बलकाचमकदारफर्शऔरदीवारोंपरकीगईरंगबिरंगीपच्चीकारीमिलकरमंदिरकोभव्यएवंदिव्यरूपप्रदानकरतेहैं।आश्चर्यकीबातहैकिपूरामंदिरबिनासीमेंटऔरलोहेकेकेवलपारंपरिकभारतीयतकनीकोंसेबनायागयाहै।कीर्तिमंदिरकेनिर्माणमेंलगभगबारहवर्षलगेऔरपाँचसौसेअधिककारीगरोंनेदिनरातइसकेलिएमेहनतकी।यहाँकाहरपत्थरएककहानीकहताहैऔरहरदीवारभक्तिकेभावसेभरीप्रतीतहोतीहै।
मंदिरकीबाहरीपरिधिमेंबनेछत्तीसआकर्षकस्तंभवर्षकेबारहमहीनेऔरदिनकेचौबीसघंटेकाप्रतीकहैं।यहमानोसंकेतदेतेहैंकिजीवनकाहरक्षणराधाकृष्णकेस्मरणमेंबीतनाचाहिए।स्तंभोंपरउकेरीगईअष्टमहासखियोंकीमूर्तियाँइतनीजीवंतहैंकिलगताहैजैसेवेअभीमुस्कुरादेंगी।
कीर्तिमंदिरभारतकेमहानसंतजगद्गुरुश्रीकृपालुजीमहाराजद्वारास्थापितकियागयाहै
जगद्गुरुश्रीकृपालुजीमहाराजकीप्रेरणा
इसमंदिरकानिर्माणजगद्गुरुश्रीकृपालुजीमहाराजकीप्रेरणासेहुआ।श्रीकृपालुजीनेहीवृंदावनमेंविश्वप्रसिद्धप्रेममंदिरऔरप्रयागराजकेनिकटअपनेजन्मस्थान, श्रीकृपालुधाम - मनगढ़मेंभक्तिमंदिरकानिर्माणकराया।इनमंदिरोंमेंप्रतिदिनभारीसंख्यामेंभक्तजनदर्शनकेलिएपहुँचतेहैं।
इसकेअतिरिक्त, वृंदावन, बरसानाऔरश्रीकृपालुधाम - मनगढ़स्थितजगद्गुरुश्रीकृपालुजीमहाराजकेआश्रमोंमेंवर्षमेंकईबारसाधनाशिविरोंकाआयोजनहोताहै, जहाँसाधकोंकोश्रीराधाकृष्णकीप्राप्तिकेलिएरूपध्यानसंकीर्तनकीसाधनाविधिसिखाईजातीहैऔरउनकानिरंतरअभ्यासकरायाजाताहै।
रात्रिमेंकीर्तिमंदिरकासौंदर्यअपनेचरमपरपहुँचजाताहै।रंग-बिरंगीरोशनीसेनहायायहमंदिरपहाड़ीपरखिलेकिसीदिव्यकमलजैसाप्रतीतहोताहै।शामकीठंडीहवा, शांतवातावरणऔरमधुरप्रकाश, सबमिलकरमनकोकिसीपुरानेप्रियसंगीतकीतरहछूलेतेहैं।कुछदेरयहाँबैठजानेपरलगताहैजैसेब्रजरसस्वयंहवामेंघुलकरअंतःकरणकोशुद्धकररहाहो।
100% नि:शुल्कचिकित्सालय
मंदिरपरिसरमेंस्थितजगद्गुरुकृपालुचिकित्सालयअत्यंतप्रेरणादायकहै।यहाँगरीबगाँव-वासियों, निर्धनसाधुओंऔरविधवामहिलाओंकोसौप्रतिशतनि:शुल्कचिकित्सासेवाप्रदानकीजातीहै।
होली, राधाष्टमीऔरबसंतपंचमीजैसेउत्सवोंपरकीर्तिमंदिरकावातावरणदिव्यतासेभरजाताहै।रंगबिरंगीझाँकियाँ, संगीत, भजन, सजावटऔरभक्तिभावसबमिलकरइनउत्सवोंकोअविस्मरणीयबनादेतेहैं।
कैसेपहुँचें?
बरसानाकाकीर्तिमंदिर, मथुरासेलगभगचालीसकिलोमीटरदूरस्थितहै।बस, टैक्सी, निजीवाहनऔरट्रेनकेमाध्यमसेयहाँपहुँचाजासकताहै।यहमंदिरसड़कमार्गसेदिल्लीसेतीनघंटेकीदूरीपरहै।कीर्तिमंदिरसुबह 8:30 से 12:00 औरशाम 4:30 से 8:00 बजेतकखुलारहताहै।
तोअगलीबारआपजबभीछुट्टियोंमेंकिसीविशेषस्थानपरजानेकामनबनाएँ, तोबरसानाकेकीर्तिमंदिरकोअपनीसूचीमेंअवश्यशामिलकरें।यहाँकाअनुभवमनमेंजीवनभरकेलिएमीठीछापछोड़जाताहै।