दिल्ली में देश के प्रथम राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ का हुआ भव्य आयोजन
नई दिल्ली : ज्योतिष हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जो हजारों वर्षों से लोगों का मार्गदर्शन कर रहा है। लेकिन आज के आधुनिक युग में हमें विज्ञान और परंपरा दोनों को साथ लेकर चलना चाहिए। यह कहना है केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा का, वे शनिवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव...


नईदिल्ली : ज्योतिषहमारीप्राचीनसांस्कृतिकविरासतकाहिस्साहै, जोहजारोंवर्षोंसेलोगोंकामार्गदर्शनकररहाहै।लेकिनआजकेआधुनिकयुगमेंहमेंविज्ञानऔरपरंपरादोनोंकोसाथलेकरचलनाचाहिए।यहकहनाहैकेंद्रीयराज्यमंत्रीहर्षमल्होत्राका, वेशनिवारकोनईदिल्लीस्थितकॉन्स्टीट्यूशनक्लबमेंआयोजितएस्ट्रोकल्चरलमहोत्सवकॉन्क्लेवकोसंबोधितकररहेथे।उन्होंनेकहाकिअगरप्राचीनविद्याकाउपयोगसहीमार्गदर्शनऔरसकारात्मकसोचकेलिएकियाजाए, तोयहसमाजकेलिएकाफीउपयोगीहोसकतीहैं।दिल्लीविधानसभाअध्यक्षविजेंद्रगुप्तानेकहाकिमानवअस्तित्वऔरब्रह्माण्डकेबीचगहरेविश्वासकोदर्शानेवालीज्योतिषविद्या 21वींसदीमेंभीअत्यंतप्रासंगिकहै, आजकेदौरमेंसंवादकीगतिबहुततीव्रहै, ऐसेमेंपारंपरिकज्ञानकोबढ़ावादेनेवालेमंचसामाजिकदायित्वऔरसद्वावबनाएरखनेकेलिएमहत्वपूर्णहैं।पूर्वकेंद्रीयमंत्रीअश्वनीचौबेनेकहाकीज्योतिषशास्त्रहमारीप्राचीनभारतीयसंस्कृतिऔरवेदोंसेजुड़ीएकमहत्वपूर्णविद्याहै, जिसनेसदियोंसेमानवजीवनकामार्गदर्शनकियाहै।इसकाउपयोगसकारात्मकसोचऔरसमाजकेकल्याणकेलिएहोनाचाहिए।
भव्यएवंऐतिहासिक “राष्ट्रीयज्योतिषमहाकुंभ-एस्ट्रोकल्चरलमहोत्सव” मेंदेशभरकेजाने-मानेज्योतिषीएकमंचपरएकत्रहुए।इसअवसरपरलाइफडिज़ाइनरएवंवास्तुकेंद्र–ज्योतिषएंडरिसर्चसेंटरकेसंस्थापककुणालकुमारनेकहाकिज्योतिषशास्त्रजीवनकीसमस्याओंऔरसंभावनाओंकोसमझनेकाएकवैज्ञानिकआधारितदृष्टिकोणप्रदानकरताहै, नकिसिर्फभविष्यकहनेवालाएकसाधन।
रियलएस्टेटकीदुनियामेंएकअलगपहचानबनाचुकेरामरतनग्रुपकेचेयरमैनविजयरामरतननेभीज्योतिषकॉन्क्लेवमेंबढ़-चढ़करहिस्सालिया।उन्होंनेइसकॉन्क्लेवमेंरियलएस्टेटमेंज्योतिषकेमहत्वपरचर्चाकी।
































































