अपनी फिल्म श्रीकांत प्रमोशन करने जयपुर आए एक्टर राजकुमार राव ने कहा :- सपनों के हक़ीक़त में बदलने की कहानी है श्रीकान्त
फिल्म के दौरान एक इंटरव्यू में जब राजकुमार राव से एक पत्रकार ने कहा कि उन्होंने सुना है कि फिल्म 'श्रीकांत' के लिए राजकुमार को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल सकता है। तो ऐसे में अभिनेता ने कहा, ''आपके मुंह में घी शक्कर, आ जाए तो अच्छा ही है।''




अभिनेता राजकुमार राव का कहना है कि “आपको अपने पूरे कैरियर में ऐसी एक -दो फ़िल्में ही मिलती है जिनका किरदार निभाकर आप गर्व महसूस कर सकते हैं। ऐसे किरदार आपका जीवन बदल सकते हैं। मेरी नई फ़िल्म “श्रीकान्त” भी ऐसे ही एक महान व्यक्ति की कहानी है जिन्होंने तमाम विपरीत हालातों के बावजूद हार नहीं मानी और अपने साहस व संघर्ष के दम पर न केवल कामयाबी हासिल की, साथ ही दुनिया को एक नई राह भी दिखाई।” वे आज जयपुर में फ़िल्म “श्रीकान्त” के प्रमोशन के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत व दृढ़ संकल्प से ही कोई मंज़िल हासिल होती है और इसे आन्ध्रप्रदेश के श्रीकान्त बोला ने सच कर दिखाया। उन्होंने अपनी लगन के बलबूते न सिर्फ ख़ुद का बिज़नेस खड़ा किया बल्कि उसे काफ़ी ऊँचाइयों तक पहुँचाया भी। आज उनकी कहानी से कई लोग मोटिवेट होते हैं। श्रीकान्त जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं।
लीक से हटकर बने चरित्र निभाने की बात पर उन्होंने कहा कि उनमें अभी भी चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं की भूख है। “मैं वास्तव में कोई योजना नहीं बनाता। मैं उस समय जो भी किरदार या फिल्म कर रहा होता हूं, वह मेरा ड्रीम रोल बन जाता है। मैं केवल उस किरदार और कहानी पर ध्यान केंद्रित करता हूं। मुझे यकीन है कि मेरे आगे और भी बहुत कुछ है।"
उन्होंने कहा कि जैसे, दो-तीन साल पहले मुझे नहीं पता था कि मैं 'श्रीकांत' कर पाऊंगा, लेकिन ऐसा हुआ। एक अभिनेता के रूप में मेरे अंदर और अधिक भूख है, और अधिक आग है। ऐसा ही आगे भी होगा। इसी तरह से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण किरदार।" जब राव से पूछा गया कि क्या वह एक्शन फिल्म या पॉटबॉयलर फिल्म करना चाहेंगे तो उन्होंने कहा कि उनकी ऐसी कोई इच्छा नहीं है। उनके द्वारा निभाए गए वास्तविक जीवन के चरित्र के प्रति उनका "कर्तव्य" है।
"श्रीकांत" में, मैंने ऐसे उद्योगपति की भूमिका निभाई है, जिन्होंने दृष्टिबाधित होने के बावजूद अपने सपनों को पूरा किया और अंततः बोलैंट इंडस्ट्रीज की स्थापना की।




































































