पारुल यूनिवर्सिटी ने की अपने इंटरनेशनल फोकलोर फेस्टिवल के तीसरे संस्करण की सफलतापूर्वक मेज़बानी
वडोदरा (गुजरात) [भारत], 1 दिसंबर: पारुल यूनिवर्सिटी ने पीयू के इंटरनेशनल फोकलोर फेस्टिवल के तीसरे एडिशन में 30 देशों को एकत्र किया गया, जो कि यूनिवर्सिटी के अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक समझ के दृष्टिकोण की तरफ एक और कदम है। “वसुधैव कुटुम्बकम” के सदीवी मंत्र की पालना करते हुए, इस साल के इंटरनेशनल फोकलोर फेस्टिवल ने एक बार फिर दुनिया को एक...


वडोदरा (गुजरात) [भारत], 1 दिसंबर: पारुलयूनिवर्सिटीनेपीयूकेइंटरनेशनलफोकलोरफेस्टिवलकेतीसरेएडिशनमें 30 देशोंकोएकत्रकियागया, जोकियूनिवर्सिटीकेअंतर्राष्ट्रीयसांस्कृतिकसमझकेदृष्टिकोणकीतरफएकऔरकदमहै। “वसुधैवकुटुम्बकम” केसदीवीमंत्रकीपालनाकरतेहुए, इससालकेइंटरनेशनलफोकलोरफेस्टिवलनेएकबारफिरदुनियाकोएकवैश्विकपरिवारकेतौरपरसांस्कृतिकसहयोगऔरजश्नकेलिएएकमंचपरएकसाथलायाहै।
इससाल, 30 सेअधिकदेशोंसे 600+ कलाकारइकट्ठाहुए।भारत, लिथुआनिया, पोलैंड, नेपाल, दक्षिणकोरिया, स्लोवाकिया, ग्रीस, रूस, क्यूबा, श्रीलंका, स्पेन, इक्वाडोर, अल्जीरिया, मलेशिया, किर्गिस्तान, कज़ाकिस्तान, कराकल्पकस्तान, इथियोपिया, लेसोथो, मेडागास्कर, तंजानिया, दक्षिणसूडान, ज़ाम्बिया, मोज़ाम्बिक, भूटान, ज़िम्बाब्वे, म्यांमार, बांग्लादेश, युगांडाऔरघानाकेडैलिगेटोंनेकैंपसकोअपनीलय, रंगऔरविरासतसेभरदिया, क्योंकिप्रत्येकग्रुपअपनीखासपहचानलेकरआया, औरअलग-अलगमहाद्वीपोंकीपरंपराओं, कहानियोंऔरआर्टफॉर्म्सकाजीता-जागतामोज़ेकबनाया।
इसउत्सवकाशानदारउदघाटन 25 नवंबरकोस्टैच्यूऑफ़यूनिटीपरकियागया।दुनियाभरकेकलाकारदुनियाकीसबसेबड़ीमूर्तिकेबैकग्राउंडमेंग्लोबलयूनिटीऔरशांतिकीशपथलेनेकेलिएएकत्रहुए।यहपलसरदारवल्लभभाईपटेलकोश्रद्धांजलिकेतौरपरपेशकियागयाऔरइसउत्सवकेसाझेउदेश - एकता, आपसीसम्मानऔरएकबेहतरदुनियाकीचाहतकोदिखाताथा।पांचदिनोंकेदौरान, पारुलयूनिवर्सिटीकैंपसएकरंगीनसांस्कृतिकस्थानबनगया।हरदेशकेखासलोकगीत, सांस्कृतिकरस्मेंऔररंगीनडांसनेदर्शकोंकोमंत्रमुग्धऔरहैरानकरदिया।इसउत्सवमेंअलग-अलगसांस्कृतिकोकलाकीवैश्विकभाषाकेज़रिएएकसाझीजगहमिली।




























































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