फिल्मों का धर्म विशेष से कोई ताल्लुक नहीं होता-हिमालय अग्रवाल 

मुंबई : आजकल फिल्मों का बायकॉट का दौर चल रहा है जिसकी वजह से करोड़ों की लागत से बन रही फिल्म भी फ्लॉप हो रही हैं।  वजह बताई जा रही है धर्म विशेष पर गलत टिप्पणी या फिल्मों की स्क्रिप्ट से धर्म विशेष का अपमान।  कास्टिंग डायरेक्टर हिमालय अग्रवाल कहते हैं कि फिल्मों का धर्म […]

Mamta Choudhary
Mamta Choudhary Verified Public Figure • 29 Apr, 2026Super Admin
September 12, 2022 • 1:24 AM  0
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फिल्मों का धर्म विशेष से कोई ताल्लुक नहीं होता-हिमालय अग्रवाल 
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12 Sep 2022
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फिल्मों का धर्म विशेष से कोई ताल्लुक नहीं होता-हिमालय अग्रवाल 
फिल्मों का धर्म विशेष से कोई ताल्लुक नहीं होता-हिमालय अग्रवाल 
मुंबई : आजकल फिल्मों का बायकॉट का दौर चल रहा है जिसकी वजह से करोड़ों की लागत से बन रही फिल्म भी फ्लॉप हो रही हैं।  वजह बताई जा रही है धर्म विशेष पर गलत टिप्पणी या फिल्मों की स्क्रिप्ट से धर्म विशेष का अपमान।  कास्टिंग डायरेक्टर हिमालय अग्रवाल कहते हैं कि फिल्मों का धर्म विशेष से कोई ताल्लुक ही नहीं होता है। यह सिर्फ एक समूह है जो बड़े बैनर्स को बदनाम कर रहा है जिससे फिल्म इंडस्ट्री को नुक्सान हो और भारत आर्थिक रूप से कमजोर हो जाए। केसरी फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर हिमालय कहते हैं कि मैंने धर्मा से लेकर यशराज तक के लिए कास्टिंग की है। यहाँ हिन्दू भी काम करता है और मुस्लिम भी हम एक साथ खाना खाते हैं। सेट पर कभी लगता ही नहीं है कि हमारा धर्म अलग है। जो लोग बायकॉट की मुहिम चला रहे हैं यह वो लोग हैं जिनका काम सिर्फ देश के हालात ख़राब करना है और देश की जनता को अच्छे सब्जेक्ट वाली फिल्मों से दूर रखना है। फिल्मों को मनोरंजन के तौर पर देखिये न की देश का माहौल ख़राब करने के उद्देश्य से।
गौरतलब है कि हिमालय अग्रवाल बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के एक नामचीन कास्टिंग डायरेक्टर हैं। वह धर्मा प्रोडक्शन, यशराज प्रोडक्शन के अलावा कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के लिए प्रतिभा तलाशने का काम करते हैं। हिमालय का कहना था कि फिल्म इंडस्ट्री एक ऐसा उद्योग है जहाँ से भारत सरकार को टेक्स के तौर पर प्रतिवर्ष अरबों-खरबों रूपया जाता है। और यह सब होता है बड़े बैनर की मूवीज की वजह से क्यूंकि जितने बड़े बजट की फिल्म होगी उसके संसाधनों पर उतना ज्यादा टेक्स भी लगेगा। इसी टेक्स की वजह से भारत की स्थिति अच्छी होती है और यहाँ की सरकार भी देश के नागरिकों को पर्याप्त सुविधाएं दे पाती है इसीलिए किसी के बहकावे में न आकर बड़े बैनर की फिल्मों का समर्थन कीजिये और फिल्म को परिवार सहित मनोरंजन के तौर पर देखिये।
उनका मानना है कि छोटे बजट की फिल्मों से प्रोडूसर अपना समय तो ख़राब करता ही है साथ ही साथ वो प्रतिभावान कलाकार का भी समय ख़राब करता है। एक फिल्म हजारों लोगों को रोजगार देती है। बायकॉट मुहिम से उन हजारों लोगों की रोजी रोटी पर भी फर्क पड़ रहा है जो सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री पर निर्भर हैं।इन्ही बड़े बैनर्स की फिल्मों की वजह से रोजगार उत्पन्न होता है। अगर बड़े बजट की फ़िल्में इसी तरह से फ्लॉप होती चली गयीं तो कौन अपनी फिल्म में 200 करोड़ लगाएगा कैसे मिलेगा लोगों को रोजगार इसीलिए क्रूर मानसिकता वाले लोगों से दूर रहें और बिना बायकॉट किये फिल्मों का आनंद लें और फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर देखें। इस मौके पर अभिनेता गिरीश थापर, अभिनेत्री माही कमला और सुनील श्रॉफ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।साथ ही कास्टिंग डायरेक्टर हिमालय का जन्मदिन भी मनाया गया।
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